हिंदुओं तुम्हें क़सम है अब भी मत जागना, क्योकि इस तस्वीर में जो बहन बैठी है वो हमारी थोड़ी है , इस घटना में जो दिवंगत हुए है वो हमारे थोड़ी है, तो हम क्यो रोए क्यो जागे, मरते रहते है लोग, मृत्यु ही परम सत्य है मरना तो है ही सबको एक दिन, आज मरे या कल मरे, क्या फ़र्क पड़ता है, वैसे भी हम मरते कहाँ है हम तो दुबारा जन्म लेकर वापस आ जाते है, वापस आयेंगे और फिर हम इन्ही कि हाथों मर जाएँगे । यही क्रम चलता रहता आया है और चलता रहेगा क्योंकि हम ऐसे ही रहेंगे !
आओ हिंदुओं चलो मोमबत्तियाँ जलायें, आओ कड़ी निंदा करे, आओ केवल २ दिन घड़ियाली आँसू बहाए और फिर भूल जाएँ, क्योंकि इनमें कोई हमारे सगे संबंधी थोड़ी मरे है जिस दिन मरेंगे उस दिन रो लेंगे, हमें भी रोना आता है।
अभी दिवंगत परिवारों की आँखो कि आँसू भी नहीं सूखे है और कुछ हरामज़ादे नेताओं के मुख से कचरा निकलना शुरू हो गया है, कह रहे है एक मुस्लिम भी मरा है दो क्रिचिश्न भी मरे है यह कोई धर्म देखकर थोड़ी मारा गया है ,
अब कुछ कुकुरमुत्ते नेता इसमें भी राजनीति ढूँढेंगे और कहेंगे कि यह तो भाजपा ने करवाया है , अरे टुच्चें स्वार्थियों धिक्कार है तुम्हारी भूख पर, धिक्कार है तुम्हारी सोच पर,
सरकार भी अब महबूबा से इश्क़ लड़ाये और इंजीनियर राशिद भाई से मकान बनवाये, और फिर भारत की हर गली गली में सभा करके चिल्लाए कि हमने पहलगाम घटना का मुंहतोड़ जवाब दिया है, और वोट बटोरे,
और ठीक है पर्यटक ही तो मरे है हिंदू थोड़ी मरे है, और पर्यटक तो मरते ही रहते है कभी वैष्णोदेवी मंदिर में कभी अमरनाथ में कभी केदारनाथ बद्रीनाथ में उनकी जान की कोई कीमत थोड़ी है , यह तो मात्र पर्यटक ही तो है,
मैंने भी अपनी पोस्ट लिखकर देशभक्ति का प्रमाण दे दिया तुम भी कर लो , इससे ज़्यादा हमें कुछ करना भी नहीं है ,
बोलो भारत माता की जय, बोलों जय जय सियाराम ,
हिन्दुओ अगर इस घटना से थोड़ा भी दुखी हुए हो और व्यक्तिगत रूप से कुछ बदला लेना चाहते हो तो आज से शपथ उठाओ कि दस रुपये भी खर्च करेंगे तो वो पैसा सिर्फ हिंदू की जेब में जाए, और इतना भी वश में नहीं है तो तुम भी कश्मीर घूमने जाओ ,, और मरो क्योंकि इससे सरल कुछ भी नहीं है और कश्मीर भी नहीं जा सकते तो चिंता मत करो जिहादी बहुत जल्द तुम्हारे घर ही आकर तुम्हें मार देंगे ,
और यह संदेश जय भीम और जय मीम कहने वालो तक भी पहुचाओं वहाँ जय भीम वालो का भी वही हाल हुआ है जो जय श्रीराम कहने वालों का हुआ है , और यह संदेश गुरु गोविंद सिंह के उन बेटो को भी बताना जिन्हें इफ़्तारी में मजा आता है ,,
आज सबसे ज़्यादा याद भाई प्रवीण तोगड़िया और बाला साहब ठाकरे, और गोपाल पाठा जैसे धर्म योद्धाओं की याद आ रही है बाक़ी सब कायर है स्वार्थी है
खैर भारत माता की जय