हम भारत के लोग अपनी परम्पराओं का बहुत सम्मान करते हैं। परंपरायें चाहे कैसीं भी हों उनको आगे बढ़ाना हमारा परम कर्तव्य है। हाँ वह बात और है कि कुछ परंपरायें निभाने में दैनिक जीवन की व्यस्तताए आढ़े आ जातीं हैं। किंतु जहां तक संभव होता है हम अपनी परम्पराओं को आगे बढ़ाने में पीछे नहीं रहते। परम्पराएँ हमारे बलिदानी पूर्वजों का मान हैं।
ऐसी ही एक परम्परा महाकुंभ के रूप में 2025 में सम्पूर्ण विश्व ने देखी जिसे हम युगों से निरंतर निभाते आ रहे हैं। मुझे गर्व है मेरी भारतीय परंपराओं पर।
ऐसी ही एक परम्परा, एक धरोहर (धुतक्रीडा, जुआ, सट्टा)जो प्रचलन से थोड़ा हट गई थी उसे हम 22 मार्च 2025 से भव्य और दिव्य रूप में मनाई जा रही है। जिसे पूरी पृथ्वी IPL इंडियन प्रीमियर लीग के नाम से जानती है।
यह जुआरियों का महाकुंभ है। वैसे तो जुआरी साल भर ही पुलिस से बचते बचाते आपने कार्य को सिद्ध करने का प्रयास करते हैं। किंतु IPL प्रारम्भ होते ही उनके अच्छे दिन आ जाते हैं। सरकार भी इसमें बढ़चढ़कर अपना सहयोग देती है। और क्यों न दे हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य भी तो यही है। सबका साथ सबका विकास इस जुआरियों के महाकुंभ में भारत के अलग अलग हिस्सों से कई अखाड़े भाग ले रहे हैं। जुआरियों के इस महाकुंभ की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए कुछ प्रचण्ड भक्तों को भी बुलवाया जाता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की इस बार जुआरियों के महाकुंभ में दस अखाड़े भाग ले रहे है। जो निम्न प्रकार हैं
चेन्नई, बेंगलुरु, मुम्बई, राजस्थान, दिल्ली, लखनऊ, कलकत्ता, हैदराबाद,पंजाब और गुजरात।
इस सभी अखाड़ों के अपने अपने अखाड़ा प्रमुख व उप अखाड़ा प्रमुख भी हैं। और तो और इनका धेय वाक्य भी है। जो जुआरियों में बहुत बड़ा रोमांच पैदा करता है। जैसे – नाइट राइडर्स, सुपर किंग्स, सनराइजर्स, इण्डियन्स, टाइटन्स, रॉयल चेलेंजर्स आदि
ये सभी अखाड़े मिलकर लगभग २ महीने तक देश अन्य अन्य घाटों पर अपनी तपस्या का प्रदर्शन कर रहे हैं। और साही स्नान 25 मई को कोलकाता के ईडनगर्डन घाट पर होगा। इस बार के साही स्नान में कौन से दो अखाड़े साही स्नान करेंगे यह देखने की बात है।
जुआरियों के इस महाकुंभ में इन दसों अखाड़ों के पिछले प्रदर्शनों को देखते हूए तमाम जुआरी संस्थाएं सरकार की देख रेख में सक्रिय हैं। जैसे – ड्रीम इलेवन, माई सर्कल, बेटवे, बेट365, १०क्रिक, २२बेट आदि
ये जुआरियों के सभी समूह जुआरियों को खुला मंच प्रदान करते हैं।
पूरे भारत के जुआरी अपनी अपनी सामर्थ्य के अनुसार ( १० रुपये से लेकर १० करोड़, १० अरब, अनंत) तक विश्वगुरु भारत की छाती पर २ महीने तक सट्टेबजी की काली भभूत से हवन करेंगे।
प्रत्येक स्नान (मैच) IPL 2025 के अखाड़ा प्रमुख श्री श्री श्री १०४५ श्रीमंत जय शाह करकमलों द्वारा प्रारम्भ किया जाएगा।
पों पों पों पों पों पों पों पों पों……… की ध्वनि बजते ही सट्टेबाजों का रोम रोम रोमांचित हो उठता है।
पों पों पों पों पों पों पों पों……… यह ध्वनि सट्टेबाज़ों के लिए ठीक वैसी ही है। जैसे स्कूल के बच्चों के लिए छुट्टी वाली घंटी टन टन टन टन टन,
हर चौके और छक्के व विकेट गिरने पर नाचती हुई लड़कियाँ दर्शक दीर्घा में बैठे हुए अभिनेता अभिनेत्रियाँ कुछ नेता व देश की अन्य प्रतिष्ठित हस्तियाँ, भई वाह पूरे आयोजन की शोभा तो देखते ही बनती है। और मज़ा तो तब दोगुना हो जाता है। जब हम भारत के IPL की तुलना अपने बच्चे पाकिस्तान के PCL से करते हैं। मन में एक विशेष प्रकार की प्रसन्नता का अनुभव होता है। जैसे पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक कर दी हो।
दर्शकों की दीवानगी तो इतनी साहब, कि कई लड़कियाँ तो खिलाड़ियों को ख़ुद से विवाह करने का प्रस्ताव तक दे डालतीं हैं हालाँकि हमेशा की तरह उनके प्रस्तावों पे कोई ध्यान भी नहीं देता।
लेकिन ख़ुद की बेइज़्ज़ती करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है। दर्शकों से भरा हुआ स्टेडियम केवल उत्साह केवल रोमांच खेल की नई चुनौतियाँ, नई प्रतिभाएँ, नए अवसर कुछ खिलाड़ियों के लिये तो कुछ सट्टेबाजों के लिए। अच्छा सट्टेबाज इस जुआरियों महाकुंभ में दिखाई नहीं देते, लेकिन होते हैं। कैमरे से ज़्यादा पैनी नज़र इन सट्टेबाज़ों की खिलाड़ियों और स्कोरबोर्ड पर होती है।
सट्टेबाज़ों के समूह सट्टे का प्रचार प्रसार करने के लिए पुराने और नये खिलाड़ियों को मोटा पैसा देकर उन्हें प्रचार करने के लिए उन्हें भी कर लेते है। और फिर महान भारत वर्ष के हर घर की टीवी स्क्रीन और हर मोबाइल फ़ोन के स्क्रीन पर आता है।
ड्रीम ११ पर टीम बनाओ और जीतो ३ करोड़ तक का नगद ईनाम खटाक, पीछे से एक धीमी व पतली और जल्दबाज़ी भारी आवाज़ आती है यह खेल वित्तीय जोखिमों के अधीन है इसकी आदत भी लग सकती है। कृपया होशियारी से खेलें, इसीलिए लिए तो हम सट्टा खेलते हैं क्योंकि हम होशियार तो बचपन से ही हैं और रही बात आदत की तो वो तो छूट ही जाएगी जब घर द्वार सब बिक जाएगा तो अपने आप छूट जाएगी।
तो चिंता की कोई बात है नहीं खेलते रहो कुछ लोग क्रिकेट और कुछ लोग सट्टा।
इस आयोजन के काल में कुछ छुटभैए सटोरिये भी अचानक पैदा हो जाते है। जो आपस में ही सट्टा सट्टा करते हैं। २ महीने में कुछ हार जाते हैं कुछ जीत जाते हैं। जीतने बाद भी होते तो बरबाद ही हैं।
पूरे भारत का नौजवान १२ वर्ष से लेकर ४० वर्ष तक सब जुआ खेल रहे हैं और सरकार खिलवा रही हैं। इस IPL में कई नई प्रतिभाग भारत कोई मिली जो आगे चलकर भारत नाम ऊँचा करेगी।
लेकिन इस सट्टे और जूए के कारण न जाने कितने नौजवान ख़ुद को ख़त्म करेंगे न जाने कितने घर बरबाद होंगे न जाये कितनी हत्यायें होंगी और न जाने कितने नौजवान पूरे साल भर कर्जा चुकाते रहेंगे।
नौजवानों की बरबादी के लिये देश को बधाई। ये सच है कि सटोरियों के इस महाकुंभ के बाद भी कुछ लोग बाबा तो ज़रूर बनेंगे।
अंत में भारत की नौजवानी से बस यही कहना चाहता हूँ। की क्रिकेट इतनी ही पसंद है तो सट्टे में पैसे मत लगाओ उन्हीं पैसों से क्रिकेट की किट ख़रीदो और खेलों क्या पता इस देश को एक और वैभव सूर्यवंशी एक और प्रयांश आर्य एक और यश्शवी जयसवाल आपके रूप में मिले और देश नाम ऊँचा हो।
यह चयन हमारा अपना है कितना और कैसे जीआ जाय।
अमृत और विष के प्याले में किसको चुनकर पी लिया जाय।। (राम भदावर)
भारत माता की जय